मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए तीन दिनों तक दौड़ाया, बाद में बताया लाओ नोटरी

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। जिला चिकित्सालय के बाबुओं की घोर शिथिलता का सबब कि मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए एक युवक को तीन दिन दौड़ाने के बाद बताया गया कि अब नोटरी लेकर आओ। यही अगर प्रथम दिवस ही बता दिया जाता तो शायद मजदूरी पेशा करने वाले व्यक्ति को दो दिन और हर्जा न करना पड़ता, दाल रोटी का इंतजाम हो जाता। ऐसे बेलगाम अनुशासनहीन कर्मचारियों पर प्रशासनिक हण्टर की आवश्यकता अवश्य है। जानकारी के मुताबिक तहसील नवाबगंज के जीतनगर शुगरमिल निवासी विवेक सोनी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कार्यवाई की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता विवेक ने पत्र में कहा है कि उसकी बहन आरती रस्तोगी के पति लवकेश सोनी उर्फ सोनू सोनी निवासी बासुड़ा जनपद सीतापुर की विगत 21 जनवरी 2017 को रात्रि करीब ढाई बजे जिला चिकित्सालय की इमरजेन्सी में मृत्यु हो गई थी। जिनका मृत्यु प्रमाण-पत्र मिला था, परन्तु खो गया। बकौल विवेक बहन के घर की काफी दूरी व कोई जिम्मेदार न होने के कारण वही देखभाल करता है। और मजदूरी पेशा करके परिवार का भरण-पोषण करता है। विवेक ने बताया कि विगत 24 मार्च को वह अपने बहनोई का मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने जिला चिकित्सालय के कार्यालय गया, जहाँ सम्बंधित कक्ष (रिकार्ड रूम) में ताला लटक रहा था, जिससे वह वापस लौट गया। दूसरे दिन 25 मार्च को पुनः गया, तब भी रिकॉर्ड रूम बंद था। कक्ष गेट पर चस्पा मोबाइल नम्बर पर सम्बंधित कर्मचारी आर.पी.सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि एक प्रार्थना पत्र लिखकर आफिस में रिसीव करवा दो, बस मृत्यु प्रमाण-पत्र बन जायेगा। जिसके बाद आज 26 मार्च को वह प्रार्थना पत्र लेकर जब पुनः कार्यालय पंहुचा तो एक महिला कर्मचारी ने बताया कि तीन नम्बर कक्ष में जाओ वहीं रिसीव होगा। बकौल विवेक जब वह पत्र लेकर तीन नम्बर कक्ष गया तो वहां मौजूद कर्मचारी दुर्वेश ने कहा कि वहीं कार्यालय जाओ यहाँ नहीं रिसीव होगा। इस तरह से उसे कई बार इधर उधर भेजकर बेवजह परेशान किया गया। फिर तीन नम्बर कक्ष में जो मिले थे वही कर्मचारी दुर्वेश कार्यालय में पुनः मिले और बताया कि नोटरी लेकर आओ तब प्रमाण-पत्र बनेगा। इससे पहले किसी ने उसे नोटरी बनवाने की बात नहीं बतायी थी। इस तरह शिकायतकर्ता को तीन दिनों तक इधर उधर दौड़ाकर मानसिक रूप से परेशान किया गया। अगर पहले ही दिन नोटरी लाने की बात बता देते तो तीन दिन मजदूरी पेशा छोड़कर यूं परेशान न होना पड़ता। शिकायतकर्ता विवेक ने आगे कहा कि चिकित्सालय के इन द्वय कर्मचारी दुर्वेश व आरपी सिंह द्वारा उसे बेजा परेशान किया गया है। भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए उचित कार्रवाई की मांग की है।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

 

 

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