बाबा साहेब बौद्ध धर्म को भारतीय संस्कृति से निकला धर्म मानते थे: राजनाथ गांधी भवन में मनायी गयी अम्बेडकर की 130 वीं जयंती

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। बाबा साहेब डा. अम्बेडकर एक प्रखर वक्ता और समतावादी विचारक थे। वह सामाजिक सुधार के परोकार थे। वह भारतीय समाज की अनेक बुराईयों के लिए जाति व्यवस्था को जिम्मेदार मानते थे। जिनके आधार पर जाति व्यवस्था को औचित्यपूर्ण ठहराया जाता था। डा. अम्बेडकर बौद्ध धर्म को भारतीय संस्कृति से निकला हुआ धर्म मानते है। उक्त विचार गांधी भवन में गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट द्वारा भारत रत्न डा. भीमराव अम्बेडकर की 130वीं जयन्ती पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने व्यक्त किए। इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर माल्र्यापण करके उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इस दौर में दलित आंदोलन को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए हमें बाबा साहेब डा. अम्बेडकर के सपनों के भारत का निर्माण करने का संकल्प लेना होगा। जिससे देश व समाज में जाँत-पांत, ऊंच-नीच, गरीबी-अमीरी का फर्क पूर्णतः समाप्त हो सके। इस मौके पर समाजसेवी अशोक शुक्ला, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, शिवा शर्मा, सत्यवान वर्मा, रंजय शर्मा, हुमायूं नईम खान, सत्यवान वर्मा, नीरज दूबे, मो तौफीक अहमद, पीके सिंह, मनीष सिंह, अनिल यादव, भागीरथ गौतम सहित कई लोग मौजूद रहे।

लोगों के लिए प्रेरणा थे बाबा साहब: सुुशील कुमार

बाराबंकी। आलापुर स्थित संस्था नंदलाल प्रभु देवी प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 130 वी जयंती मनाई गई, इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक सुशील कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के जनक बी आर अंबेडकर का महान व्यक्तित्व लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, बाबा साहेब अंबेडकर समाजसेवी, दार्शनिक, विद्वान माने गए हैं जिन्होंने वंचित और मजदूरों के अधिकारों को लेकर आवाज उठाई। 14 अप्रैल को पूरे भारत में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। साल 1891 में आज के दिन मध्यप्रदेश के महू गांव में रामजी शकपाल एवं भीमाबाई के घर चैदहवीं संतान के रूप में उनका जन्म हुआ था. भारतीय संविधान के जनक बी आर अंबेडकर का महान व्यक्तित्व लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। बाबा साहेब अंबेडकर समाजसेवी, दार्शनिक, विद्वान माने गए हैं जिन्होंने वंचित और मजदूरों के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। तथा बाबा साहब के बनाए गए संविधान के बारे में भी चर्चा की कार्यक्रम का आरंभ निर्देशक सुशील कुमार ने दीप प्रज्वलित करके किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार प्रमोद कुमार योगेश कुमार अमित कुमार एवं संस्था के अध्यापक गण मौजूद रहे।

बाबा साहब ने समाज को दी नई दिशा: सिकन्दर

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर दलितों के मसीहा ही नहीं एक क्रांतिकारी महामानव थे उनके व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, सुदृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मेल था बाबा साहब भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे। उक्त उदगार उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जनपदीय प्रभारी सचिव राहुल त्रिपाठी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पूर्व सांसद डॉ पी.एल. पुनिया के आवास एवं नाका सतरिख पर अंबेडकर वाटिका में बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण करने के पश्चात व्यक्त किए। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सिकंदर अब्बास रिजवी ने बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के पश्चात कहा कि बाबा साहब ने देश में जब लोग स्वतंत्रता संग्राम के बाद अपने आप को असहाय बेबस और आस्था विहीन समझ रहे थे और ऊंच-नीच की कुप्रथा ने जब उनकी मानसिकता कुंठित कर दी थी ऐसे समय में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक रोशनी बनकर प्रकट हुए और समाज को नई दिशा दी। कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष विजय पाल गौतम, मोहम्मद मोहसिन एवं युवा कांग्रेस के जनपद प्रभारी प्रदेशीय सचिव शिवेंद्र पांडे मौजूद थे।

बाबा साहब की जयंती पुलिस अधीक्षक ने दिलायी शपथ


बाराबंकी। बुधवार को पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने संविधान निर्माता “बाबा साहब डा. भीम राव अम्बेडकर ”की जयंती के अवसर पर पुलिस लाइन में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और उसके बाद उन्होने संविधान की प्रस्तावना को पढ़ कर समस्त पुलिस अधिकारी, कर्मचारीगण को देश की अखण्डता व एकता की शपथ दिलाई गयी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आज के दिन को समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले बाबा साहब अम्बेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। बाबा साहब विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी डॉ. अवधेश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज कुमार पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी नगर सीमा यादव, क्षेत्राधिकारी सदर राम सूरत सोनकर आदि अधिकारी, कर्मचारीगण मौजूद रहे।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

 

 

 

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