नहीं आयोजित हुए सत्र, बिना टीके लगवाए लौटे लोग

पत्रकार आशीष सोनी अंबेडकरनगर

अम्बेडकरनगर वैश्विक महामारी से बचाव का एकमात्र उपाय टीका है। बीते जनवरी के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ चरणबद्ध टीकाकरण अभियान रफ्ता रफ्ता गति पकड़ता गया। पहले लोग टीका लगवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। जागरूकता के अभियान से लोगों ने टीका लगवाना शुरू किया तो अभियान गति पकड़ता गया। टीकाकरण के सत्र बढ़ते रहे।
अस्पतालों के साथ शहरों और गांवों में भी शिविर लगाकर टीकाकरण किया जाने लगा। इससे टीकाकरण का नित नया रिकॉर्ड भी बनने लगा। 18 साल की आयु वालों को टीका लगना शुरू हुआ तो बीते सप्ताह पहली बार पांच अंक में लोगों टीका लगवाया, लेकिन इस सप्ताह टीकाकरण के अभियान पर ही संकट आ गया। अब फिर से सत्र कम आयोजित हो रहे हैं। गांवों में टीकाकरण तो बंद ही हो गया है। बुधवार को तो स्थिति सबसे खराब हो गई। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी टीका लगना बंद हो गया। और तो और जिला अस्पताल में भी टीकाकरण नहीं किया जा सका। बुधवार को केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरानपुर अकबरपुर में ही टीकाकरण का सत्र आयोजित हुआ। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। टीकाकरण केंद्रों से लोगों को निराश लौटना पड़ा।
पत्रकार आशीष सोनी अंबेडकरनगर

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