सिरौलीगौसपुर तहसील में भ्रष्टाचार, बिना रिश्वत दिये नहीं होते काम एसडीएम प्रिया सिंह के खि़लाफ सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा शिकायती पत्र
सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270
बाराबंकी(एसएम न्युज24टाइम्स)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश है कि सरकारी दफ्तरों में जीरो टोलरेंस पर काम किया जाए। उनकी तमाम सख्ती के बावजूद भी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार चरम पर है। तहसील सिरौलीगौसपुर में खुलेआम भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। अब तहसील के भ्रष्टाचार में एसडीएम से लेकर लेखपाल तक सभी संलिप्त है। बताते चले कि आर्यावर्त नागरिक सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष लवकुश शरण आनंद ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2020 की धारा 80 के अर्न्तगत कृषि भूमि से गैर कृषि भूमि करने का आवेदन एसडीएम सिरौलीगौसपुर के समक्ष किया था। लेकिन निर्धारित समयावधि 45 दिन बीत जाने के बाद भी उपरोक्त प्रकरण पर कोई आदेश ना होना इस बात को दर्शाता है कि तहसीलों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेश के बावजूद भी दाखिल खारिज, वरासत, धारा 80 के लिए तहसील के चक्कर लगाता रहता है। पीड़ित लवकुश शरण आनंद ने शिकायती पत्र में कहा है कि धारा 80 के लिए आवेदन करने की तिथि से 19 जुलाई 2022 तक कई बार तहसील के सम्बंधित विभिन्न पटलों पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों से मिला लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी उपरोक्त फाइल में संबंधित सभी दस्तावेज संलग्न होने के बाद भी एसडीएम प्रिया सिंह से सिर्फ आश्वासन मिलता रहा कि ‘कर देंगे। आप पेशकार से मिल लीजिए, आपका आदेश टाईप हो रहा है, साइन हो जायेगा तो कल ले लेना।‘ अगले दिन जब पेशकार अमित कुमार से मिला तो कहा कि ‘मैडम ने कुछ नहीं बताया है। रोज रोज चले आते हैं।‘ पेशकार की बात से आहत पीड़ित लवकुश आनंद ने एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी तो उन्होंने तल्ख शब्दों में कहा कि ‘इतनी जल्दी कुछ नहीं होता है, मेरे पास सिर्फ यही धारा-80 का ही कार्य नहीं है।‘ पीड़ित लवकुश शरण आनंद ने तहसील प्रशासन के रवैए से क्षुब्ध होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजस्व व शासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजकर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार से अवगत कराया है। इससे सरकार में जिला प्रशासन की खासी किरकिरी भी हो रही है। तमाम सख्ती के बावजूद किस तरह से भ्रष्टाचार तहसीलों में हो रहा है यह उसका जीता जागता उदाहरण है। तहसील और थाने पहले से ही भ्रष्टाचार के मामले में बदनाम हैं, लेकिन इस तरह के मामलों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा हैं। ऐसा तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लगाम कस रखी हैं। फिर भी तहसीलों में भ्रष्टाचार फलफूल रहा हैं। आखिर इस भ्रष्टाचार पर लगाम क्यों नहीं लग रही हैं। तहसील स्तर पर क्लर्क, लेखपाल और अमीनों पर उंगली उठती रही हैं। अब तो सीधा आरोप एसडीएम पर लग रहा है। ऐसे में तहसील के भ्रष्टाचार पर प्रशासन की किरकिरी होना स्वाभाविक है।
सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

