हत्या का साक्ष्य मिटाने के आरोप मे दो आरोपियों को हुई उम्र कैद

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट

बाराबंकी। हत्या कर साक्ष्य मिटाने के एक मामले का फैसला सुनाते हुए कोर्ट शंख्या 1 की अपर जिला जज अनुपमा गोपाल निगम ने  दो आरोपियों को आजीवन करवाश के अलावा जुर्माना भुक्तने की सजा सुनाई है। सहायक अभियोजन अधिकारी अमरेश विक्रम सिंह के अनुसार थाना मसौली के कस्बा त्रिलोकपुर निवासी सशांक दिवेदी ने 11 नवंबर 011 को अपने भाई यादवेंद्र कुमार दिवेदी ने हत्या की सूचना थाने पर दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार घटना के दिन वादी का भाई घर से धान लाने खेत पर गया था। वंहा से पिता जी को बोरा देने के 1 घण्टा बाद यादवेंद्र उर्फ पप्पू का संपर्क परिजनों से टूट गया। अगले दिन 12 नवंबर को सुबह 9 बजे नहामऊ गांव के पास यादवेंद्र की लाश रेलवे लाइन के पास पायी गयी जिसके सर में गहरे चोट के निसान थे। तफ्तीश के बाद पुलिस ने थाना मसौली के कस्बा त्रिलोकपुर निवासी रामभरोशे के बेटे महेश चंद्र गुप्ता उर्फ गुड्डू व मो. वसीक के पुत्र अलीशेर के खिलाफ हत्या के सबूत इकठ्ठा किये। इसके अलावा अभियुक्तों के पास से हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद हुआ। गवाहों के बयान के मद्देनजर अपर जज श्री मती निगम ने दोनो आरोपियों को आजीवन करावास के अलावा 3 हजार का जुर्माना तथा अवैध तमंचा रखने के लिए 1 साल का करवास व दो हजार का जुर्माना भुक्तने की सजा सुनाई।

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट

 

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