श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य चोरासी लाख योनियों के आवागमन से मुक्त हो जाता है।
आई एम खान संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) बिसौली- बदायूं 8273974747
बिसौली। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य चौरासी लाख योनियों के आवागमन से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा ही व्यक्ति के भगरोग की चिकित्सा का एकमात्र उपाय है। उक्त उद्गार पुष्कर के पूज्य संत स्वामी रामचंद्राचार्य महाराज ने अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपामात्र से वाल्मीकि आदि कवि हो गए। वेदव्यास श्रीमद्भागवत पुराण के रचियता बन गए। महाराज जी ने कहा कि जिस प्रकार रोगी को उपचार से पूर्व चिकित्सक के बारे में जानना जरुरी होता है उसी प्रकार श्रवण से पहले श्रीमद्भागवत के बारे में भी जानना आवश्यक है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक कृष्णकांत अग्रवाल, विष्णुकांत अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, रविप्रकाश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, मनोज यादव, विमला अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल, प्रियांशी, गुड्डो, शुभांशु, दीपक, रिंकी, अंकुर, आस्था, शिवम, पुष्कर, साक्षी आदि प्रमुखता से उपस्थित रहे।
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