■आयोग में आठ सदस्यों की भी नियुक्ति, मुस्लिम समाज से कई प्रमुख चेहरे शामिल
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन करते हुए पूर्व राज्यमंत्री मोहसिन रजा को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिलेगा। मोहसिन रजा इससे पहले योगी आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अध्यक्ष के साथ आयोग में आठ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें संदीप जैन अंशुमान कुमार सिंह मैसी सरदार हनप्रीत सिंह बेदी मोहम्मद असलम सरदार परविंदर सिंह नेहा खान सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी शामिल हैं। ये सदस्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हैं।
नए गठन में अल्पसंख्यक समाज से जुड़े सक्रिय और भाजपा के साथ राजनीतिक सामाजिक रूप से जुड़े चेहरों को भी स्थान मिला है। खासकर मुस्लिम समाज से मोहसिन रजा के अलावा मोहम्मद असलम नेहा खान सैयद सिराज अब्बास रिजवी और रूमाना सिद्दीकी की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आयोग का नया गठन ऐसे समय हुआ है जब प्रदेश में अल्पसंख्यक कल्याण वक्फ संपत्तियों और मुस्लिम समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दे चर्चा में हैं। हाल ही में मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर वक्फ संपत्तियों की जांच और ऑडिट का मुद्दा भी उठाया था।
आयोग में राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े मुस्लिम चेहरों की सक्रियता को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समाज तक सरकार और संगठन की पहुंच बढ़ाने की रणनीति के लिहाज से भी इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। सरकारी आदेश के अनुसार अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का है।

