बाल संरक्षण के उद्देश्य से सम्पन्न हुई मण्डल स्तरीय पुलिस कार्यशाला

बहराइच 08 नवम्बर। नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलम्बन के उद्देश्य से संचालित किये जा रहे मिशन शक्ति अभियान अन्तर्गत यूनीसेफ एवं राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सहयोग से पुलिस विभाग बहराइच द्वारा शनिवार को लेज़र रिसार्ट मंें किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं मानव तस्करी विषय पर एक दिवसीय मण्डल स्तरीय पुलिस कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मण्डल के पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) की उत्तर प्रदेश प्रमुख सुश्री रूथ लियानो ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि लिंग गत भेदभाव को समाप्त किये बिना बाल अधिकारों का संरक्षण कर पाना अत्यन्त कठिन है। उन्होंने कहा कि लिंग गत मतभेद को समाप्त करने के लिए पुलिस सहित सभी स्टेक होल्डर्स को गम्भीर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से भी लिंग गत मतभेदों को समाप्त करने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि पुलिस उप महानिरीक्षक देवीपाटन मण्डल डाॅ. राकेश कुमार सिंह ने सभी पुलिस अधिकारियों का आहवान किया कि बाल अधिकारों के संरक्षण में पूरी मुस्तैदी व संवेदनशीलता के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार कटिबद्व है। महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों का संरक्षण हो सके इसके लिए कई कानून बनाये गये हैं साथ ही सम्बन्धित विभाग व गैर सरकारी संगठन भी अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण हेतु सरकारी विभागों, पुलिस व गैर सरकारी संगठनों द्वारा किये गये प्रयासों के अनुरूप तब तक अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होगा जब तक लोगों में जागरूकता नहीं आयेगी। श्री कुमार ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण हेतु इस सम्बन्ध में बनाये गये कानूनों की जानकारी भी लोगों को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बाल अधिकारों के संरक्षण के प्रति संवेदित करने के साथ साथ उन्हें किशोर न्याय अधिनियम-2015, पाक्सो (यौन शोषण से बच्चों का संरक्षण) एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल श्रम विरोधी कानूनों पर प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गयी है।

अपर महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश कुलदीप पति त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं का आहवान किया कि महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए आगे आयें। नेशनल ला यूनीवर्सिटी, लखनऊ के प्रोफेसर डाॅ. कुमार स्कंद पाण्डेय ने पाक्सो कानून के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की। राज्यपाल के पूर्व विधि सलाहकार एस.एस. उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती अरविन्द कुमार मौर्य, यूनीसेफ के राज्य बाल संरक्षण प्रमुख आफताब मोहम्मद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं चाइल्ड लाइन के निदेशक डाॅ. जितेन्द्र चतुर्वेदी, क्षेत्रीय समन्वयक यूनीसेफ अनिल कुमार सहित अन्य विषय विशेषज्ञों ने किशोर न्याय अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम एवं मानव तस्करी इत्यादि विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किये।

कार्यक्रम के आयोजक पुलिस अधीक्षक बहराइच डाॅ. विपिन कुमार मिश्र ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा मानव तस्करी से जुड़े कानूनी प्राविधानों पर बतौर प्रशिक्षक बोलते हुए कहा कि देवीपाटन मण्डल के भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित होने के कारण हमें अधिक सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है। डाॅ. मिश्र ने कहा कि महिलाओं एवं बाल संरक्षण के लिए पर्याप्त कानून हैं जिन्हें अमल में लाकर महिलाओं एवं बाल अधिकारों के हनन से सम्बन्धित घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
कार्यशाला के दौरान स्वैच्छिक संस्था-देहात द्वारा गठित बाल संसद के नेतृत्वकर्ता बच्चों ने उपस्थित उच्च अधिकारियों के साथ दोस्ती कर उनकी कलाई पर बाल अधिकारों की सुरक्षा का मित्रता बंधन बांधा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा शैलेष कुमार पाण्डेय, बलरामपुर के देव रंजन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी बहराइच कविता मीना सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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