कोविड अस्पताल का नया कारनामा

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

बाराबंकी। कोविड मरीजों के उपचार में हो रही लापरवाही के बाद भी जिला प्रशासन अस्पताल प्रबंधन पर कार्यवाही करने से कतरा रहा है। आक्सीजन सिलेण्डर की कमी और चिकित्सीय लापरवाही के चलते मरीज दम तोड़ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कोविड अस्पतालों को दिये गये निर्देशों का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। जिला प्रशासन और निजी अस्पतालों की मिली भगत से कोविड मरीज इलाज के अभाव में मर रहे हैं। यही नही प्रशासन द्वारा बनाये गये कोविड सेन्टर के अस्पतालों में मृतकों के परिजनों से अनियमित धन उगाही करने नही चूक रहे हैं। मामला सिविल लाइन के देवा रोड स्थित आस्था हाॅस्पिटल का है। जहां आए दिन कोविड मरीजों के उपचार में घोर लापरवाही और अवैध धन उगाही का मामला प्रचलित है। हाल ही में जिले के वरिष्ठ पत्रकार के साथ जब अस्पताल प्रबंधन ने ऐसी लापरवाही की तो पत्रकारों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से लेकर राज्य के वरिष्ठ आलाधिकारियों से की। जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह ने प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए आस्था अस्पताल के विरुद्ध मिल रही शिकायतों की जांच हेतु समिति का गठन किया। जिसका अध्यक्ष उपजिलाधिकारी अभय पाण्डेय को बनाया। अभी जांच चल ही रही थी कि आस्था हाॅस्पिटल प्रबंधन के विरुद्ध एक मामला और संज्ञान में आया। फतेहपुर थाना अन्तर्गत ग्राम इसरौली चैकी निवासिनी पीड़िता अफसर जहां ने बताया कि मेरे पति राजू (35 वर्ष) पुत्र जाकिर हुसैन को अचानक सांस लेने में परेशानी हुई जिसके बाद उन्हे दिनांक 1 मई को आस्था अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने 15 हजार रुपये जमा करा लिये। इस दौरान कोविड मरीज राजू को जब आॅक्सीजन की कमी ज्यादा होने लगी तब अस्पताल प्रबंधन ने राजू के भाई टीपू से आॅक्सीजन सिलेण्डर लाने को कहा। टीपू ने अपने मित्रों के सहयोग से आॅक्सीजन के तीन जम्बो सिलेण्डर की व्यवस्था कर अस्पताल प्रबंधन को दिया। इस दौरान कोविड मरीज राजू के उपचार में करीब 40 से 45 हजार रुपये खर्च हुए। इसी दौरान राजू का बीती 4 मई को आस्था हाॅस्पिटल में निधन हो गया। निधन के बाद मृतक के परिजनों ने जब शव ले जाने के बाद कही तो अस्पताल प्रबंधन ने 31 हजार रुपये जमा करने को कहा। मृतक परिजनों के बाद मौके पर 10 हजार रुपये ही थे। जिसे देकर वह मृतक का शव लेने के लिये पुनः गुहार लगायी। अस्पताल प्रबंधन ने मृतक परिजनों द्वारा लाये गये एक सिलेण्डर और दस हजार रुपये लेने के बाद शव परिजनों को सौंपा।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

 

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