प्रशासन की उदासीनता का जीवंत नमूना ग्राम रसौली के स्वतंत्रता सेनानी स्व • भगवान दास के प्रकरण मे देखा जा सकता है ।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी । शासन-प्रशासन की उदासीनता का जीवंत नमूना ग्राम रसौली के स्वतंत्रता सेनानी स्व • भगवान दास के प्रकरण मे देखा जा सकता है । जिनको भारत छोड़ो आन्दोलन मे भाग लेने के कारण अंग्रेजों ने अनेको यातनाएं दी थी तथा जिला कारागार मे नजरबंद रखा था । किन्तु उन्हे पेंशन आदि सुविधायें मिलना तो दूर प्रमाणपत्र तक नही दिया गया । उन्होने अपने जीवन काल मे कई प्रार्थनापत्र दिये लेकिन वह सभी नक्कारखाने मे तूती की आवाज की तरह दब कर रह गये । उनके एकमात्र वारिस पुत्र शांति स्वरूप ने शासन-प्रशासन को पत्र लिखकर स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित का दर्जा दिये जाने की मांग की है ।

