मैरिज लान मे शिवगँगा साहित्य सेवा समिति की मासिक बैठक एव काब्य गौष्ठी का आयोजन

शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

मसौली बाराबंकी। मसौली चौराहा स्थित शिवगँगा मैरिज लान मे शिवगँगा साहित्य सेवा समिति की मासिक बैठक एव काब्य गौष्ठी का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार डा ब्रज किशोर पाण्डेय की अध्यक्षता एव संचालन ओज कवि रवि अवस्थी द्वारा की गयी। तथा वरिष्ठ रचनाकार श्रीमती लता श्रीवास्तव को समिति द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। काव्य गौष्ठी का शुभारम्भ अजय अटल की सरस्वती वंदना से की गयी। कवि रवि लखनवी ने कविता पढ़ते हुए कहा कि ये बादल है धरातल पर न बरसे तो फिर किधर जाय, समर मकरण्ड को तरसे रहे प्यासे तो मर जाय, कवि राजकुमार सोनी ने कहा कि जो सियासत इस धरा पर बिस कभी बोते नही।
खुन से फिर लाल धरती ये कभी होती नही।।
कवि अशोक सोनी ने कहा कि
प्रीति प्रतीत रहे शुभ पावन दास के गोद दसावन भोले
दिनहु के भरदास सुन्य मनका निज पंथ लगाबहू भोले
वरिष्ठ रचनाकर लता श्रीवास्तव ने कविता पाठ करते हुए कहा
भाई जैसा कौन बहन को इस दुनिया मे प्यारा है
भाई बड़ा हो या छोटा बहनो की आँखों का तारा है ।।
कबियत्री किरन भारद्वाज ने कजरी गीत सुनाते हुए कहा कि
हार नव लंखा मंगा द जयपुर से
जाइके बड़ी दूर से
अजय सिंह अटल ने कहा
राष्ट्र मस्ती की बहती ये गंगा रहे
न यहां धर्म का कोई दंगा रहे
यह तमन्ना मेरी है कि हर हॉल में हम रहे न रहे
यह तिरंगा रहे।
वीरेंद्र सिंह करुण ने कहा
राम के इस देश की कैसी कहानी हो गयी
उर्मिला सी निर्मला दुख की निशानी हो गयी
इस मौक़े पर रमेश चंद्र रावत, शिवेंद्र सिंह सोनू, जय गुप्ता, ध्यान सिंह चिंतन, रामकिशुन यादव, जैस राम उर्फ़ बेचारी आदि कवियों ने कविता पाठ किया।

शान्ती देवी  अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

Don`t copy text!