-शहर में कई व्यापारी कर रहे हैं गोरखधंधा, नशीली दवाएं पहंुच रही है ग्राहकों के पास।
बाराबंकी। जनपद के मेडिकल स्टोर पर खुलेआम बिक रही हैं नशीली सिरप व दवाएं, मालूम हो कि जब से कोरोना महामारी को लेकर लाॅकडाउन घोषित हुआ है तब से शराब व पान मसाला आदि नशीले पदार्थ पर पूर्ण प्रतिबंध लग गया है, किन्तु मेडिकल स्टोर संचालित हैं, जिसका नशेड़ी खूब फायदा उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ निकोटिक्स च्वेइंगम की मांग बढ़ने से उसकी भी कालाबाजारी चालू हो गई है, दवा माफिया भरपूर मात्रा में स्टाक होने के बावजूद माल को अपने गोदामों पर डम्प करके एम0आर0पी0 से अधिक दामों पर बेच रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में कई मेडिकल स्टोर नशे की दवा धड़ल्ले से खुलेआम बेचते हैं, वर्तमान समय में शराब व पान मसाला बन्द होने की वजह से अब नशेड़ी इन मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर उसका सेवन करके नशे को प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके शरीर के क्षीण होने की प्रबल संभावना है। पूर्व में जो नशे की सिरप 40 रूपया की थी, वर्तमान समय में 80-90 रूपये में शहर के लगभग सभी मेडिकल स्टोर पर खुलेआम धड़़ल्ले से बिकती है। इस महामारी में मेडिकल स्टोर वाले खूब कमाई डंके की चोट पर कर रहे हैं, इनको पुलिस, शासन व प्रशासन का कोई डर नहीं है। सुबह से लेकर शाम तक इन मेडिकल स्टोरों पर नशेड़ियोें का जमावाड़ा लगा रहता है। दवा लेने वाला व्यक्ति एक बार दवा लेकर चला जाता है तो दोबारा 2-3 दिन बात आता है किन्तु नशेड़ी सुबह से लेकर शाम तक कई चक्कर मेडिकल स्टोर के लगाते हैं। शहर के निबलेट तिराहा, पीरबटावन, पुलिस चैकी, नाला, भितरी, घोसियाना, रेलवे स्टेशन, बस स्टाप, नबीगंज, पैसार, कृष्णानगर, नाका सतरिख, दशहराबाग आदि जगहों पर नशीली दवाएं व सिरप धड़ल्ले से बिक रही है। विश्वस्त्र सूत्रों से मालूम चला है कि उक्त मेडिकल स्टोर संचालक लोकल डी0आई0 को प्रतिमाह मोटी रकम देते हैं जिस कारण उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं होती है। क्षेत्रीय पुलिस सब कुछ जानकर भी अंजान बनी है और ले देकर मामला को दबा देती है, एक दुकानदार ने बताया कि भइया हम थाने व चैकी पर हफ्ता देकर खुलेआम नशीली दवाएं बेचते हैं, और जो लोग पैसा देने में आना कानी करते हैं पुलिस उनको ही उठाती है, कई लोगों ने मेडिकल स्टोर की आड़ में कई तरह के प्रतिबंधित कारोबार कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर के थोड़ी दूरी पर एकांत स्थान पर अत्याधिक मात्रा में इन नशीली दवाओं की बोतले खुलेआम पड़ी रही और गंदगी को बढ़ावा देती हैं। सफाई कर्मचारी प्रतिदिन सफाई करते हैं किन्तु दिनभर में नशेड़ी पुनः गंदगी फैला देते हैं।

देवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बे के सभी मेडिकल स्टोर पर नशे की दवा व सिरप अत्याधिक मात्रा में उपलब्ध है और सुबह से ही नशेड़ी मेडिकल स्टोर खुलने का इंतिजार किया करते और मेडिकल स्टोर की शोभा बढ़ाने लगते हैं।
विश्वस्त्र सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के साथ-साथ जनपद के कस्बा जैदपुर, सफदरगंज, फतेहपुर, सतरिख, हैदरगढ़, सिद्धौर, रामनगर, मसौली, बंकी आदि कस्बो में नशीली दवाएं धड़ल्ले से बिक रही है।

