मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना: हर्षित राज समाजसेवी का निरन्तर सेवा भाव जारी

सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

बाराबंकी। कोरोना जैसी महामारी ने यूँ तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर बट्टा लगाया ही है परन्तु सबसे ज्यादा महामारी के कारण हुये लाकडॉउन में ठप्प पड़े कारोबारों की वजह से न मालूम कितने हमारे भाई तथा कितने परिवार भुखमरी का शिकार हो रहे हैं और इसी पीड़ा को महसूस करते हुये एक बार फिर प्रशासन से कंधे से कंधा मिलाकर समाजसेवी हर्षित राजकुमार ने अपने साथियों के साथ शनिवार को शहर में निवास कर रहें हमारे गरीब भाईयों को तथा हाईवे पर प्रवासी मजदूरों सहित लगभग 300 मास्क व सेनीटाइजर तथा 500 भोजन के लंच पैकेट वितरित किये। इसके साथ-साथ उन्होंने 25 मजदूरों को चप्पलें तथा 25 परिवारों के लिये राशन का भी प्रबंध कराया। इस मौके पर बोलते हुये हर्षित राज ने कहा कि अगर भगवान ने हमें सक्षम बनाया है तो यह हम सब का कर्तव्य बनता है कि सकंट की इस घड़ी में हमारे गरीब तथा मजदूर भाईयों की तथा उनके परिवार की जितनी हो सके उतनी मदद करे। यदि एक भी व्यक्ति भूखा सो गया तो इससे ज्यादा दुःख भरी बात और कोई हो ही नहीं सकती। उन्होंने इसके आगे सभी न्यूनतम वर्गीय परिवारों को यह आश्वासन भी दिलाया कि उनकी यह मुहिम आने वाले समय में भी चलती रहेगी तथा उनकी सदैव यह कोशिश रहेगी कि विपदा की इस घड़ी में एक भी व्यक्ति गरीबी के चलते भूखा न सोये। इसके बाद उन्होंने बाराबंकी वासियों से एक शेर पढ़ते हुये अपील भी की कि मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मो पर लगा देना, हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज के खातिर और ईश्वर से प्रार्थना करते हुये कहा कि इस कोरोना महामारी के काल में प्रभु जी मानवता की रक्षा करें तथा सभी स्वस्थ्य रखें। इस मौके पर मुख्य रूप से साथी मो. फैज अहमद, एड० हुजैफा खान, पत्रकार अदीब किदवाई भी मौजूद रहें।

सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

 

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