राईन समाज के रहबर थे गुलाम सरवर राईन: वसीम राईन राईन समाज ने मनाई पूर्व मंत्री की जयंन्ती

सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

बाराबंकी। पूर्व मंत्री गुलाम सरवर राईन की कौम के लिए कुरबानी राईन समाज कभी नही भूल सकता हैं। वो राईन समाज के रहबर थे। उनके बताएं रास्ते पर चल कर तमाम पसमांदा लोगो को कयादत करने का मौका मिला। हम लोग उनके बताए रास्ते पर चलकर उन्हें सच्ची खिराजे अकीदत पेश करेंगे। उक्त उद्गार सट्टी बाजार स्थित ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज कार्यालय पर राईन समाज जिलाध्यक्ष हाजी अहमद राईन की अध्यक्षता में गोष्ठी को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईन ने व्यक्त की। श्री राईन ने आगे कहा कि स्व. गुलाम सरवर राईन का जन्म 10 जनवरी 1926 को बेगूसराय जिला में हुआ था। उनके पिता स्वः शेख अब्दुल हमीद थे। राजनीति में प्रवेश उन्होंने 1945 में किया। 1951 में अंजुमन तरक्की-ए-उर्दू हिंद बिहार केे प्रथम महासचिव, 1953 में संगम उर्दू डेली संस्थापक, 1958 पर पहला मुकदमा आई0पी0सी 153ए, 1962 में पहली बार जेल गए। 1964-65 जयप्रकाश नारायण से पहली मुलाकात कर हज यात्रा, 1967 में उनके नारें ‘उर्दू के विकास के लिए जो कार्य करेगा मुसलमान उसी को वोट देगा’ दिया। वर्ष 2000 बिहार विधानसभा चुनाव में चैथी बार जीते और कृषि मंत्रालय का दायित्व संभाला और 17 अक्टूबर 2004 को पटना में अंतिम वफात हुई। इस अवसर पर हाजी अहमद राईन, असगर अली राईन, सईद राईन, अतीक राईन, इमरान राईन, अशफाक राईन, खलील राईन, ईस्माइल राईन, दिलशाद राईन, सिराज जोगी, मैनुद्दीन अंसारी, जहरुद्दीन अंसारी, ख्वाजा अंसारी, नसरुद्दीन अंसारी, खुरशेद अंसारी, इरफान अंसारी, मुख्तार मंसूरी मौजूद रहे।सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

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