चन्द्रशेखर जयन्ती पर युवा भारती ट्रस्ट ने किया अंशदान डाॅ एच.एन शर्मा ने पीएम केयर्स फंड में जमा की धनराशि
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी
बाराबंकी। पूर्व पीएम चन्द्रशेखर लोकतंत्र की मर्यादाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले राजेनता थे। संसदीय जीवन में रहते हुए दिशाहीन बहस को तार्किक रूप देने में चंद्रशेखर का कोई सानी नहीं था। वह संसद में हमेशा अर्थपूर्ण बातचीत और स्थापित परंपराओं के हिमायती रहे। यह बात पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चन्द्रशेखर की जयन्ती के मौके पर समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कही। श्री शर्मा ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए युवा भारती ट्रस्ट आगे आई है। इस ट्रस्ट के सचिव डाॅ. एच.एन शर्मा ने चन्द्रशेखर की जयन्ती पर तीन लाख रूपया पीएम केयर्स फंड में जमा किया। जो कोरोना वाॅरियर्स पर खर्च किया जाएगा। डाॅ एच.एन शर्मा पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के राजनीतिक सलाहकार रहे है तथा गांधी जयन्ती समारोह ट्रस्ट के ट्रस्टी भी है। उन्होनें चन्द्रशेखर की जयन्ती पर बलिया जनपद में एक हजार गमछों व स्वदेशी मास्क का वितरण कराया। उनके द्वारा किए गया कार्य सराहनीय एवं प्रशंसनीय योग्य है। श्री शर्मा ने कहा कि स्व. चन्द्रशेखर एक साधारण किसान के बेटे थे। जिन्होंने अपना बचपन बहुत ही मुफलिसी में बिताया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने राजनीति की पथरीली दुनिया में कदम रखा। छात्र राजनीति में वह फायरब्रांड नेता के रूप में जाने जाते थे। राजनीतिक यात्रा शुरू करने के कुछ समय बाद ही वह सोशलिस्ट राजनीति में सक्रिय हो गए। छात्र राजनीति करते हुए वह आचार्य नरेंद्र देव के सम्पर्क में आए जो उनकी तरह ही जुझारू और जोशीले सोशलिस्ट नेता थे। देश की आवाम और भौगोलिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए उन्होंने चार हजार किमी की पदयात्रा की। यही नहीं समाजवादी आन्दोलन को आगे बढ़ाने के लिए कई बार जेल गए। आपातकाल में बंदी बनाए गए। जहां से उन्होने जेल डायरी लिखी जो बाद में प्रकाशित भी हुई। उन्होंने बताया कि आपातकाल की समाप्ति के बाद चन्द्रशेखर जी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुए। स्व. चन्द्रशेखर देश के समाजवादी आन्दोलन के पहले ऐसे व्यक्ति थे जो प्रधानमंत्री बने। समाजवादी आन्दोलन में उनके संघर्षों को हमेशा याद किया जाएगा।
सगीर अमान उल्लाह जिला ब्यूरो बाराबंकी

